गीत/नवगीत गजानंद डिगोनिया 'जिज्ञासु' 05/06/202605/06/2026 0 Comments विदाई गीत छोड़ गए हमको यहां, चले गए परदेश।क्या तुमको आती नहीं, याद जरा भी शेष।।१. सूना सूना सा लगे, तुम बिन Read More
मुक्तक/दोहा गजानंद डिगोनिया 'जिज्ञासु' 05/06/202605/06/2026 0 Comments अनोखा चलन चलन बहू का क्या कहूं, फूटी है तकदीर।घर में मुझको मिल गई, बेढंगी तस्वीर।।१. घूंघट में थी सादगी, उसे बताएं Read More
मुक्तक/दोहा गजानंद डिगोनिया 'जिज्ञासु' 03/06/202603/06/2026 0 Comments विद्या-दोहे चलन बहू का क्या कहूं, फूटी है तकदीर।घर में मुझको मिल गई, बेढंगी तस्वीर।।१. घूंघट में थी सादगी, उसे बताएं Read More