मुक्तक/दोहा गजानंद डिगोनिया 'जिज्ञासु' 03/06/202603/06/2026 0 Comments विद्या-दोहे चलन बहू का क्या कहूं, फूटी है तकदीर।घर में मुझको मिल गई, बेढंगी तस्वीर।।१. घूंघट में थी सादगी, उसे बताएं Read More