माँ : जीवन की पहली गुरु, सबसे बड़ा आशीर्वाद
इस संसार में यदि किसी रिश्ते को सबसे पवित्र, निस्वार्थ और अनमोल कहा जाए, तो वह “माँ” का रिश्ता है।
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