हास्य-व्यंग्य – साहित्य अकादमी : मेरी मौत का तमाशा देखो
इस बार हिंदी की संस्मरण की पुस्तक पर साहित्य अकादमी का पुरस्कार मिल गया। साहित्य जगत में कोई हल्ला नही
Read Moreइस बार हिंदी की संस्मरण की पुस्तक पर साहित्य अकादमी का पुरस्कार मिल गया। साहित्य जगत में कोई हल्ला नही
Read Moreमैं हास्य-व्यंग्य से समाज को सुधारने की कोशिश करता हूँ और एक सच्चे भावों से सच्चाई लिखना चाहता हूँ। आम
Read Moreट्रंप एक न झुकने वाला फलदार वृक्ष है। जो कभी झुकता ही नहीं। चाहे जितने फल आ जाये उसकी हर
Read Moreइलाहाबाद के दारागंज में निराला जी रहते थे। दारागंज एक खांटी इलाहाबाद है। एकदम सहज भावों से भरा है निरालाजी
Read Moreजब पढाई का दौर होता है। लड़के लड़कियों में डाक्टर बनने का जुनून होता है तो समाज सेवा की भावना
Read Moreएक दिन मैं कोई लेख लिखा था। उस लेख में एक अंग्रेजी शब्द आ गया। शुध्द हिंदी कवयित्री का मौन
Read Moreनेहा एक नए जमाने की लड़की है। वह नया सोंचती है।उसके ख्यालात नए हैं। उसके अंदर नयापन है। उड़ना चाहती
Read Moreवह फटी पुरानी साड़ी में लिपटी थी। हाथ में एक तीन साल के बच्चे को संभाले हुए। चेहरे पर मलीनता
Read Moreघर में खुशियाँ मनाई गयी। मिठाइयां बांटी गयी। सोहर कराया गया। कन्या खिलाया गया। दान दक्षिणा गरीबों को दिया गया
Read Moreका हो भाई साहब ! भारत रत्न मिल रहा है सुना हूं। चुनाव का बिगुल बजा है का ? रेवड़ी
Read More