हास्य-व्यंग्य – हाय रे सफेदपोश
नेता सज्जन होते हैं। साफ-सुथरे होते हैं। दाग धब्बा नहीं लगा होता है। सादगी पसंद है। सादगी के बगैर रह
Read Moreनेता सज्जन होते हैं। साफ-सुथरे होते हैं। दाग धब्बा नहीं लगा होता है। सादगी पसंद है। सादगी के बगैर रह
Read Moreमैं लिखता हूँ। बहुत बड़ा लिखक्कड़ नहीं हूँ। आम जनता का लेखक हूँ। उनके बातें होती हैं। उनका दर्द, उनकी
Read Moreकई सालों से जनता के बीच रहकर सेवा करने वाले जननेता जब चलते हैं तो भीड़ का सैलाब ही सैलाब।बच्चों,
Read Moreएक हमारे मित्र ने बताया कि उधर मत जाना। वही पर एक महान व्यक्ति जो आधुनिक युग में साहित्य, संगीत
Read Moreकवि कविता लिखकर अमर होना चाहता है। अपना भविष्य बनाना चाह रहा है। उसकी कविता से कोई सामाजिक परिवर्तन हुआ
Read Moreजैसे ही ही सूचना मिली कि साहित्यकारों को भी पेंशन दिया जायेगा। साहित्यकारों में खुशी की लहर दौड़ गयी।कुछ को
Read Moreआजकल की नायिकाओं को विरह-वेदना की अग्नि में नहीं जलना पड़ता है इसलिए वियोग के कवि की उत्पत्ति नहीं हो
Read Moreइस बार हिंदी की संस्मरण की पुस्तक पर साहित्य अकादमी का पुरस्कार मिल गया। साहित्य जगत में कोई हल्ला नही
Read Moreमैं हास्य-व्यंग्य से समाज को सुधारने की कोशिश करता हूँ और एक सच्चे भावों से सच्चाई लिखना चाहता हूँ। आम
Read Moreट्रंप एक न झुकने वाला फलदार वृक्ष है। जो कभी झुकता ही नहीं। चाहे जितने फल आ जाये उसकी हर
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