Author: *किशन भावनानी

लेख

प्रत्यक्षे किम् प्रमाणम् – जो प्रत्यक्ष है, जो सामने है, उसे साबित करने के लिए कोई प्रमाण की ज़रूरत नहीं पड़ती।

प्रौद्योगिक और डिजिटल क्षेत्र में तेज़ी से बढ़ते भारत में कार्यक्रमों के संबोधनों में नेताओं द्वारा बड़े बुजुर्गों की कहावतों,

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लेख

परियोजनाओं के क्रियान्वयन के संकल्प से ही सिद्धि!!!

योजनाओं की घोषणा के साथ उनका क्रियान्वयन निर्धारित समय सीमा पर करने की व्यवहारिक ज़वाबदारी पर सख़्ती करना ज़रूरी योजनाओं

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सामाजिक

ऑनलाइन गेमिंग से बच्चों को मानसिक, शारीरिक, भावनात्मक समस्याएँ

वर्तमान प्रौद्योगिकी और डिजिटल युग में अत्यंत तीव्रता से एक नए भारत की ओर बढ़ रहे हमारे देश पर हमें

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