Author: कृति आरके जैन

पर्यावरण

धरती का दर्द आँकड़ों में नहीं, महिलाओं की ज़िंदगी में दिखता है

जब धरती बीमार पड़ती है, उसकी पहली आह एक स्त्री सुनती है। उसे पर्यावरण संकट समझने के लिए वैज्ञानिक आँकड़ों

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सामाजिक

शादी या सज़ा? आधुनिक भारत में बदलते रिश्तों की कड़वी हकीकत

जब किसी युवती के जीवन में सपनों की रोशनी और आत्मनिर्भरता का विश्वास मौजूद हो, और वही जीवन शादी के

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सामाजिक

बच्चों के भविष्य की कीमत पर बिक रहा है माँ-बाप का आज

टूटी नींदों और अधूरी मुस्कानों के बीच पलता सच आज अभिभावकों की कठोर हकीकत बन चुका है। जब समाज अभिभावकों की

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धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

संग्रहालय – वह माँ जो बँटे बच्चों को फिर से गोद में ले रही है

बिखरती मानवीय संवेदनाओं और बढ़ती दूरियों के बीच संग्रहालय साझा संस्कृति और इतिहास की सबसे सशक्त आवाज बनकर उभरे हैं।

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