बेटी धन अनमोल
मेरे जन्म से पापा क्यों डरते हो, मुख अपना मलिन क्यों करते हो? बेटी हूँ कोई अभिशाप नहीं, फिर मन
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Read Moreबेटा यह क्या कर रहे हो? क्यों कचरे के बाल्टी में हाथ डाल रहे हो? माँ मैं कचरे में से
Read Moreचले वसंती बयार, छाया सबपे खुमार, होकर हंस सवार, आई चन्द्रकांति माँ। छेड़ दी वीणा की तार, झंकृत हुआ संसार, छाई खुशियाँ अपार, आई
Read Moreदेश हमारा सबसे प्यारा, विभा इसकी बढ़ाएंगे। इसके रजकण से ही अपने, माथे तिलक लगाएंगे।
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