जीने का अधिकार
जीवन में हर सख्श का ,आभारी हूँ यार ,जिनसे सीखा था कभी ,लोकचार व्यवहार। दुश्मन जी को शुक्रिया ,जिनसे पाया
Read Moreजीवन में हर सख्श का ,आभारी हूँ यार ,जिनसे सीखा था कभी ,लोकचार व्यवहार। दुश्मन जी को शुक्रिया ,जिनसे पाया
Read Moreखुशियां पाओ बड़े मजे से ,दुख ठुकराओ बड़े मजे से। रात नशीली बोर करे तब ,घर जाओ जी बड़े मजे
Read Moreहोली में कवि धीर जी, लाए भर के रंग,सब मित्रों को दे रहे,खुशियों भरी उमंग ,खुशियों भरी उमंग,सभी में खुशियाँ
Read Moreहर रंग इक मनुहार अपनी है ये जिन्दगी ,हालत से मजबूर ,पाओगे खुशियां यहाँ, पर ग़म से भरपूर। कैसे भी
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