गीत/नवगीत मांगन मिश्र 'मार्त्तण्ड' 09/12/202509/12/2025 बीत रहे हैं दिन गुमसुम – गुमसुम चुप्पी ओढ़े बीत रहे हैं दिनहर अभाव के नोक – झोंक में चुभते हैं दुर्दिन कैद हवा Read More
गीतिका/ग़ज़ल मांगन मिश्र 'मार्त्तण्ड' 03/04/202429/03/2024 गीतिका देखना वादों का मौसम, आ गया फिर से यहाँ ख़्वाब अंगूरी अभी, लटका गया फिर से यहाँ सुन रहे नारे, Read More
गीतिका/ग़ज़ल मांगन मिश्र 'मार्त्तण्ड' 03/04/202429/03/2024 गीतिका किसी से गम कभी इजहार करते क्यों खड़ी तुम दर्द की मीनार करते क्यों बुझे कितने दिये, फिर भी जलाने Read More