मन
मन विचार मगन है ह्रदय में धधकती अगन है आँखे हुई जलमग्न जिह्वा में कम्पन है ऐसा ही होता है
Read Moreबहुत दिनों बाद आज मन किया एक कविता लिखूं मन के भावों की एक सरिता लिखूं जाने कितने दिनों से
Read Moreरोते भी हैं सिसकते भी हैं हर पल उन्हें याद करते भी हैं पास भी आ नही सकते दूर भी
Read Moreबिन तुम्हारे जियूं तो कैसे जियूं मेरे यार रातो की नींद उड़ गयी उड़ गया मेरा चैन और करार तुम्हारे
Read Moreदिल के हर कोने में बसते हैं वो आँखों के अश्कों में भी सजते हैं वो जाने किन जन्मों का
Read More