तलाश बाकी है
मै बरसों से लिख रही हूँमगर अभी तक मुझे,वो नही मिला जिसकीकब से तलाश है? रह – रहकर मै खुद
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Read Moreभोर अपनी आँखेंमलते हुए जगी।धूप की मुस्कान भीकुछ फीकी सी लगी।मै! रातभर ठहरी रहीनदियाँ के किनारे,सिर्फ तुम्हारे आने केइंतजार मे…
Read Moreकितना जरूरी होता हैप्रथम आलिंगन…दो अजनबी लोगों कीआत्मा की तृप्ति के लिए।वो! चाहे फिर प्रेम होया फिर दोस्ती में…दो अजनबियों
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