लघुकथा- इच्छा
वह उन की इकलौती पुत्री थी. दोनों मातापिता अपनेअपने हिसाब से वर चुनना चाहते थे. माता ने कहा , “यह
Read Moreवह उन की इकलौती पुत्री थी. दोनों मातापिता अपनेअपने हिसाब से वर चुनना चाहते थे. माता ने कहा , “यह
Read Moreचतुरसिंह के पिता का देहांत हो चुका था. उसने अपने छोटे भाई कोमलसिंह को बंटवारा करने के लिए बुलाया, “बंटवारे
Read Moreलघुकथा – परम्परा ”यह असंभव है. हमारे यहां ऐसा नही होता है,” उस के ताऊजी ने जम कर विरोध किया.
Read Moreउस को कहना पड़ा, “ सर ! मैं ने उन्हें समय पर डेटाबेस दे दिया था. आप के कहने पर
Read Moreकाननवन में एक सियार रहता था. उस का नाम था सेमलू. वह अपने साथियों में सब से तेज व चालाकी
Read Moreएकदूसरे को देखा. सब याद आ गया. ऊन दोनों के पिता नही चाहते थे कि उन का प्रेम परवान चढ़े.
Read Moreसभी की घृणित निगाहें उसी टेबल पर टिक गई. “सभी इधर ही देख रहे है. भरी आँखे. टपकती लार, मुंह
Read Moreकम समय में लघुकथा की सीढियाँ चढ़ने वाली जांबाज लेखिका- कांता रॉय का ओमप्रकाश क्षत्रिय द्वारा लिया गया बेबाक साक्षात्कार
Read Moreमम्मी के मंगल-सूत्र , दादाजी की ड्रेस , भाई के मोबाइल और सेठजी के तकाजे के बीच रीना ने कहा,
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