गीतिका/ग़ज़ल रमा वर्मा 07/08/2018 मन की खिड़की खोलो जी क्यूँ बैठे हो गुमसुम गुमसुम मन की खिड़की खोलो जी दिल मे क्या क्या राज़ छिपा है हमसे भी तो Read More
गीतिका/ग़ज़ल रमा वर्मा 22/02/2018 ग़ज़ल अगर है प्यार तो इकरार भी हो अजी फूलों का फिर उपहार भी हो .. दबायें बात दिल की दिल Read More
गीतिका/ग़ज़ल रमा वर्मा 22/02/2018 होली में बैर भाव सब भूल प्रीत के, रंग उड़ायें होली में हर रिश्तों का मान करें हम, प्रीत बढायें होली में Read More
गीतिका/ग़ज़ल रमा वर्मा 08/01/2018 गीतिका यार नहीं मिलता दिलदार नहीं मिलता सपनों का कोई संसार नहीं मिलता .. पैसों से जीवन में प्यार नहीं मिलता Read More
गीतिका/ग़ज़ल रमा वर्मा 30/12/2017 नया साल बीता साल पुराना यारा आया नया जमाना यारा .. कदम कदम पर इम्तहान हैं अपनी अकल लगाना यारा .. सोच Read More
गीतिका/ग़ज़ल रमा वर्मा 30/12/2017 गज़ल हाल कितना हुआ बुरा साहब काम आई न कुछ दुआ साहिब .. प्यार बदला है किस तरह देखो तुम भी Read More
गीतिका/ग़ज़ल रमा वर्मा 10/11/2017 गीतिका अब छोड़ो भी तकरार प्रिये क्यों नोंक झोंक हर बार प्रिये . खुशियों की बारिश में भीगो गम से हो Read More
गीतिका/ग़ज़ल रमा वर्मा 21/08/2017 गज़ल मुकम्मल गर हमारी भी दुआ इस बार हो जाये तो मुमकिन है हमारी जिंदगी गुलज़ार हो जाए .. चलो Read More
गीतिका/ग़ज़ल रमा वर्मा 21/08/2017 गज़ल न जाने क्या हुई हमसे खता है वो क्यूँकर आजतक हमसे खफा है .. भले ही हो गया हमसे जुदा Read More
गीतिका/ग़ज़ल रमा वर्मा 21/07/201724/07/2017 ग़ज़ल गुल है,गुलशन है,महकती सी डगर है कोई आप हैं साथ या मौसम का असर है कोई प्यार ही धर्म जहाँ Read More