“यह कैसा परिवर्तन है?”
यह कैसा परिवर्तन है दृष्टि दया की भीख नहीं है गरीब दुखियों की चीख़ भरी है एक तरफ है भरा
Read Moreयह कैसा परिवर्तन है दृष्टि दया की भीख नहीं है गरीब दुखियों की चीख़ भरी है एक तरफ है भरा
Read Moreबदलती गई दुनिया बदलते गये लोग। हर समय पर ख्वाब रचते गये लोग। पहन कर लोग यहां स्वार्थ की खोलड़ी।
Read Moreतुम कहाँ खो गई हो। तुम क्या कर रही हो। मुझसे नजरें तो मिला लें, बहुत याद आ रही हो॥१॥
Read Moreतुम्हारी यादों को ख्वाबो में सजा कर रखूँगा। अपनी बातो को तुमसे मिल-मिलाकर रखूँगा यहाँ डर लगता है तुम कभी
Read Moreन कोई शिकवा है न कोई गीला है मन ही मन में सब कोई ढीला है। बिहार की शिक्षा बन
Read Moreवो मेरी यादों में आकर, दे जाये ऐसी हाला। प्यास बुझाने के एवज वो, दे गई ऐसी प्याला। यह कैसा
Read Moreतुमको प्रेम नही करना तो , दिल में इसे जगाया क्यों? साथ नहीं देना था तो फिर, पहले हाथ बढाया
Read Moreआइए मुसकुराते हुए सावन की तरह। आइए घुमड़ते हुए बादल की तरह। आपके स्वजन के साथ मुझे इन्तजार है, आइए
Read Moreजिन्दगी यूँ ही शिकवा करती रही। तुम्हारी यादों में हर पल तड़पती रही। बार बार बिन बताये आ जाती हो
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