पागल
पागल यहाँ सब है बस उसका अंदाज अलग है कोई अपनों के लिए पागल है कोई दूसरों के लिए पागल
Read Moreसृजन की आशाओं से। कलम की फिजाओं से। स्वर्णिम अक्षर लिख डालें, हृदय की भावनाओं से॥ ____________’रुद्र’
Read Moreकान्हपुर गाँव मेरा कर्मनाशा नदी तट पर। राज्य है बिहार जनपद कैमूर में हूँ तत्पर। कार्य क्षेत्र रोहतास है मेरा
Read Moreबचपन की यादें आती है,जब सामने बच्चा आता है। मन करता बच्चा आता है,जब सामने बच्चा आता है। खेलना हँसना
Read More“हमारा अवध मगध संसार” ••••••••••••••••••••••••• यह कैसी है तेरी माया। देकर सबको तूने काया। करै हरवक्त तू रखवाली। सब चलते
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