भातृ-प्रेम
बदला-बदला सा दिख रहा है सबकुछ, जो कभी करीब रहा करता था, भाई बनकर, वो भी चचेरा भाई सगा भाई
Read Moreबदला-बदला सा दिख रहा है सबकुछ, जो कभी करीब रहा करता था, भाई बनकर, वो भी चचेरा भाई सगा भाई
Read Moreमुझे हँसना है दुनिया में तुम रुलाने आ जाते हो क्यों? सपनों में बेवजह तुम याद दिलाने आ जाते हो
Read Moreहमें जिन्दगी में गुनगुनाना है। लोगों के साथ मुस्कुराना है। गीतमय दुनियां बनाकर यहाँ, एक धुन में सबको मिलाना है।
Read Moreसावन की फुहार की बुन्दे अपने अन्दर शितलता का भण्डार लिए सभी जीव जन्तु के कल्याण हेतु लेकर उतर गई
Read Moreरिमझिम- रिमझिम बदरा बरसे। मोर-मोरनी के मनवा हरसे। आपस में खुला नृत्य करते हैं दोनों , लुप्त उठाते सभी पेड़-पौधे
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