धरती
धरती हमसे पूछती, हर दिन एक सवाल।कुआँ पनघट कहाँ गए, कहाँ गई चौपाल।कहाँ गई चौपाल, कहाँ पीपल की छाया।नहीं किसी
Read Moreमन मन्दिर का मिटे अँधेरा हर घर में खुशहाली हो।धन-धान्य से भरा रहे घर नहीं किसी का खाली हो।रंग –
Read Moreइतिहास के पन्ने- पन्ने पर गौरव – गान लिखा है,बरछी ढाल, कृपाणों से मातृभूमि का मान लिखा है,बलिदानों की अमर
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