जीत
आज फिर पत्नी से कहासुनी हुई | रोज की चिकचिक से तंग आकर मनोज चल पड़ा | जब दिमाग़ जागा
Read Moreफेशबुक पर जब रूबी राय का मजाक उड़ाती पोस्टों पर जब नजर जाती हैं एक टीस सी होती दिल में
Read Moreबरामदे में लगे कैक्टस के पौधों को काटते देख रामलाल बोले, “बेटा इतने प्यार से लगाया था तुने। कहाँ-कहाँ से
Read Moreलैपटाप बेटी के हाथों में देख माता -पिता प्रसन्न थे हो भी क्यों न आखिर चीफ़ मिनिस्टर साहब से जो
Read Moreफूल चीख चीख चिल्लाय सब जब तोड़ मंदिर में चढ़ाए फूल डाली झुक झुक जाय मुन्नी को देख रोज मुस्काए
Read Moreबेटा ! तू क्या समझेगा माँ की वेदना कभी तू बेटा है अभी बाप बनेगा कभी पर माँ नहीं बन
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