माँ तुम कहीं नहीं जाती हो –
माँ तुम कहीं नहीं जाती हो बेटी के अस्तित्व में ही बस जाती हो| माँ तुम तब तो बिल्कुल नहीं
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Read More“बेटे की शादी हुए महीनें से ऊपर हो गए थे पर बहू कभी मेरे साथ बैठी ही न| न ही
Read Moreहम बच्चे है, इतिहास पढ़ने में कच्चे है पर सदा ही अपनी बात में सच्चे हैं। इतिहास हैं कि बढ़ता
Read Moreहिंदी साहित्य डेढ़ सौ रूपये किलो का बैनर देख एक व्यक्ति दुकानदार से बोला “परशुराम जी की किताब मिलेगी क्या
Read More“नये साल की वह पहली सुबह जैसे बर्फानीा पानी में नहा कर आई थी ।10 बज चुके थे पर सूर्यदेव
Read More‘एक तो घर में जगह नहीं ऊपर से नये कपड़े चाहिए, परन्तु पुराने किसी को देने को कहो तो मुहं
Read Moreदेश की तरफ आँख उठा कर देखे दुश्मन जो कोई , जा पड़े आँख में हम शोला बन उसकी शामत
Read Moreतोल मोल के बोल, शब्द बड़े है अनमोल। दुखे दिल किसी का , मुख से ऐसा कुछ न बोल| वाणी
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