रिश्ते
सहेज कर रखा जिन को वो,अजनबी होते क्यों रिश्ते। टूट कर पात से बिखर जाएं मतलबी होते क्यों रिश्ते। दिल
Read Moreनशे का सौदागर, है युग का आदमी। छुपा हुआ अजगर,है युग का आदमी। काम, क्रोध, लोभ, मोह, हंकार पालता, हुआ
Read Moreचलो एक बार फिर जिंदगी वक्त आज़माते हैं। संकल्प पर टिकी हमारी आशाएं बता देते हैं। हिम्मत से चलना सीखा
Read Moreमिलते हैं नसीब में सब को,मस्त भरे खुशीयों के रंग। होठों पर मुस्कान बिखेरे,होते पुलकित भीतर अंग। तज कर बैर
Read Moreमत काट मत काट विनती कर जोड़ करूँ। तेरे काम आता हूँ तेरे हर दुख दर्द मैं हरूँ। तेरे बुजु़र्गों
Read Moreमन होश रहे,तन जोश रहे,रोक नहीं राह कोई सकता। बल तन में, विश्वास मन में,रोक नहीं राह कोई सकता। होश
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