हकीकत
बैर बबुल आँगन जो लगाया उनके ही पाँव में काँटा चुभ पाया फूल बिलपत्र का चमन लगाओ मन्द मन्द घर
Read Moreकैसा दिन दिखलाया भगवान मानव जग में बन गया शैतान भूल गया अपनों की पहचान पापी बना है गाँव में
Read Moreचलो गाँव की ओर शहर में है बहुत शोर प्रदुषण की हो रही प्रहार नहीं मिलता है शुद्ध बयार चलो
Read Moreजीवन में अगर पाना है नाम नित्य दीन दुखियों के आना काम मिल जायेगा तुम्हें भी मुकाम सेवा भाव रहे
Read Moreजीवन की लिख रहा हूँ गणना अपनी कहानी की अंतिम पन्ना बहुत उतार चढ़ाव देखा जीवन में कष्टों को झेला
Read Moreमाँ तेरी ऑचल में ममता की है दरबार तेरी चरणों में है माता अपना अमूल्य संसार हाथ अपनी जब रख
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