कविता – खेती
दुआ की खेती जग में करना बद्दुआ की खेती मत करना दुआ खुशहाली देता है बद्दुआ दुःखदायी है बहना अच्छी
Read Moreदुआ की खेती जग में करना बद्दुआ की खेती मत करना दुआ खुशहाली देता है बद्दुआ दुःखदायी है बहना अच्छी
Read Moreसमर्पण की तुँ मूरत है दया की भोली सूरत है तेरी आँचल में सब की जहान नारी तुँ देवी है
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