बाल कहानी – अच्छे व्यवहार की जीत
रवि एक अच्छा लड़का है। वह कभी लड़ाई झगड़ा नहीं करता है। दया का गुण भी है। संस्कारी है। कभी
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Read Moreनैना सात साल की है। अपनी माँ के साथ लोगों से पैसा मांगती है। दौड़-दौड़ कर प्रत्येक कार के पास
Read Moreरिषभ साइकिल को देखकर मचल जाता था। वह भी साइकिल चलाना सीखना चाहता है। अभी दस साल का है। कोई
Read Moreजब चूहे बिल्ली को देखते। डर के कारण सारे चूहे बिल में घुस जाते। जब तक बिल्ली नहीं जाती सारे
Read Moreगर्मी की छुट्टियाँ थीं। दस साल का विभोर अपनी छत पर बैठा आसमान देख रहा था।विभोर (सोचते हुए)- “सूरज इतना
Read Moreभोगीपुर गाँव के पूर्वी छोर पर फैले सरसों के खेतों के बीच एक छोटा-सा घर था। मिट्टी की दीवारें, खपरैल
Read Moreस्वर्णा नदी का बहुत पौराणिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। यहाँ प्राचीनकाल से प्रति वर्ष मकर संक्रांति से लेकर वसंत पंचमी
Read Moreबर्फ गिरने की वह शांत रात डेनियल को हमेशा याद रहती है। खिड़की के बाहर चीड़ के पेड़ों पर जमी
Read Moreबहुत समय पहले की बात है, जब धरती इतनी गर्म नहीं होती थी और आकाश में बादल आराम से तैरते
Read Moreगोलू अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। उसके माता-पिता यह सोचकर कि वे उसे बहुत समय नहीं दे पाते हैं,
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