आजादी भाग –२
राहुल का भूख के मारे बुरा हाल हो रहा था । रह रह कर उसे स्कूल की याद आने लगती
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Read Moreराहुल बारह बरस का हो चला था । सातवीं कक्षा का विद्यार्थी था । पढाई के साथ सभी गतिविधियों में
Read Moreअभी दो चार दिनों से देवम के घर के बरामदे में चिड़ियों की आवाजाही कुछ ज्यादा ही हो गई थी।
Read Moreसुबह के लगभग दस बज चुके थे । सुशिलाजी की सेहत के बारे में फिक्रमंद लालाजी डॉक्टर माथुर जी के
Read Moreसुबह तड़के ही अमर की नींद खुल गयी थी। हालाँकि गुलाबी ठण्ड की वजह से बीच बीच में वैसे भी
Read Moreरमेश बड़ी तेजी से शहर में दवाई की दुकान की तरफ बढ़ा जा रहा था । जल्दबाजी में वह अस्पताल
Read Moreडॉक्टर माथुर को यह उम्मीद थी कि लालाजी अमर के बारे में पूछ कर उससे मिलने के लिए बेताब हो
Read Moreधनिया धीरे धीरे चलती हुयी कक्ष के बाहर दालान में आ गयी । बाबू उसे सहारा देने के लिए उसके
Read Moreअमर बड़ी देर तक सिसकता रहा । काफी सोच विचार के बाद भी किसी निर्णय पर नहीं पहुँच पा रहा
Read Moreबाबू सीढ़ियों से होकर पहली मंजिल पर स्थित सामान्य कक्ष में पहुंचा । यह सामान्य कक्ष अपेक्षाकृत बड़ा था ।
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