मेरी माटी, मेरा भारत
मेरी माटी की महिमा अपार हैजान रहा इसे सारा संसार है,भिन्न भिन्न है बोली वाणीअरु भिन्न भिन्न परिधान है। बहुरँगी
Read Moreमेरी माटी की महिमा अपार हैजान रहा इसे सारा संसार है,भिन्न भिन्न है बोली वाणीअरु भिन्न भिन्न परिधान है। बहुरँगी
Read Moreहमें गर्व है अपनी मातृभूमि परजाति -धर्म, भाषा, संस्कार, तीज, त्योहार, परिवेश परविकास के बढ़ते आयाम, सम्मान स्वाभिमान पर।हमें गर्व
Read Moreप्रभु तुम कण कण में होधरती हो या आकाशमनुष्य हो या जानवरपेड़ पौधे फूल पत्तियों मेंहै तेरा निवास।सजीव हो निर्जीव
Read Moreअजीब तमाशा हैजैसे हमें पता ही नहीं हैकि अवध में राम आये हैं।चलिए! आपने कहा तो हमने मान भी लियापर
Read Moreऐसा भी होता है यह विश्वास तो नहीं होतापर करना ही पड़ता,क्योंकि अविश्वास का कोई कारण भी अब शेष नहीं
Read Moreहिंदी हमारा मान है, सम्मान है हमारा ही नहीं भारत का गौरव गान है, हिंदी की बिंदी हम सबका सम्मान,
Read Moreमैं कौन हूँ, क्या हूँ, कैसा हूँ?यह बताना ज़रूरी है क्या?आपको तो सब पता हैमैं क्या, कैसा और क्यों हूँपर
Read Moreलो जी फिर सावन मास आ गया सोच विचार अब त्याग दो, हम सब भोले के धाम चलें आओ! चलो
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