शीत आगमन *ताँका

चटके रिश्ते
सर्द हवा मिलते
छल – धुंध से
दिल की आग बुझी
बर्फ जमती जाती।

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लूक सहमे
शीत का धौंस जमे
सेवंती हँसे
मादव रवि डरे
हिम को रास्ता दे दे।

परिचय - विभा रानी श्रीवास्तव

"शिव का शिवत्व विष को धारण करने में है" शिव हूँ या नहीं हूँ लेकिन माँ हूँ