मुक्तक- नूतन वर्ष-2015 मंगलमय हो

दर्श पाया आज नूतन,
हर्ष लाया आज नूतन,
आज का मौसम नया है,
वर्ष आया आज नूतन।

दिनेश”कुशभुवनपुरी”