कविता मुक्तक- नूतन वर्ष-2015 मंगलमय हो दिनेश कुशभुवनपुरी 06/01/201505/01/2015 दर्श पाया आज नूतन, हर्ष लाया आज नूतन, आज का मौसम नया है, वर्ष आया आज नूतन। दिनेश”कुशभुवनपुरी”
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