शब्दों के पुल

बुरे होते हैं ,

शब्दों के जाल ,

उलझ जाता है आदमी ,

फंस जाता है ,

मकड़ी की तरह ,

निकल नहीं पाता फिर बाहर

सरलता से……,

मगर…,

शब्दों के पुल,

जोड़ते हैं ,

मन-भेदों-मतभेदों की नदियां

लाँघ ,

ह्रदय की बस्तियां |

शब्दों के पुल ,

सौभाग्य का क्षितिज ,

और पास ला देते है

आदमी के पास ,

जहां से , छू सकता है चाँद को ,

देख सकता है ,

आकाश-गंगा ,

गिन सकता है क्षितिज के सितारे ,

इसलिए ,

जीवन में अच्छे शब्दों से ,

निर्मित करते रहना सदैव, नए-नए पुल …||

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

परिचय - अशोक दर्द

जन्म –तिथि – 23- 04 – 1966
माता- श्रीमती रोशनी
पिता — श्री भगत राम
पत्नी –श्रीमती आशा [गृहिणी ]
संतान — पुत्री डा. शबनम ठाकुर ,पुत्र इंजि. शुभम ठाकुर
शिक्षा – शास्त्री , प्रभाकर ,जे बी टी ,एम ए [हिंदी ] बी एड
भाषा ज्ञान — हिंदी ,अंग्रेजी ,संस्कृत
व्यवसाय – राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में हिंदी अध्यापक
जन्म-स्थान-गावं घट्ट (टप्पर) डा. शेरपुर ,तहसील डलहौज़ी जिला चम्बा (हि.प्र ]
लेखन विधाएं –कविता , कहानी , व लघुकथा
प्रकाशित कृतियाँ – अंजुरी भर शब्द [कविता संग्रह ] व लगभग बीस राष्ट्रिय काव्य संग्रहों में कविता लेखन |
सम्पादन — मेरे पहाड़ में [कविता संग्रह ] विद्यालय की पत्रिका बुरांस में सम्पादन सहयोग |
प्रसारण —-दूरदर्शन शिमला व आकाशवाणी शिमला व धर्मशाला से रचना प्रसारण |
सम्मान—– हिमाचल प्रदेश राज्य पत्रकार महासंघ द्वारा आयोजित अखिल भारतीय कविता प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए पुरस्कृत , हिमाचल प्रदेश सिमौर कला संगम द्वारा लोक साहित्य के लिए आचार्य विशिष्ठ पुरस्कार २०१४ ,
सामाजिक आक्रोश द्वारा आयोजित लघुकथा प्रतियोगिता में देशभक्ति लघुकथा को द्वितीय पुरस्कार | इनके आलावा कई साहित्यिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित |
अन्य —इरावती साहित्य एवं कला मंच बनीखेत का अध्यक्ष [मंच के द्वारा कई अन्तर्राज्यीय सम्मेलनों का आयोजन |
सम्प्रति पता –अशोक ‘दर्द’ प्रवास कुटीर,गावं व डाकघर-बनीखेत तह. डलहौज़ी जि. चम्बा
स्थायी पता —-गाँव घट्ट डाकघर बनीखेत जिला चंबा [हिमाचल प्रदेश ]
मो .09418248262 ,
ई मेल — ashokdard23@gmail.com