सदाबहार काव्यालय-39

भाव गीत

 

संबंध सुहाना है

 

है प्रेम से जग प्यारा, सुंदर है सुहाना है

जिस ओर नज़र जाए, बस प्रेम-तराना है-

 

बादल का सागर से, सागर का धरती से

धरती का अंबर से, संबंध सुहाना है-

 

तारों का चंदा से, चंदा का सूरज से

सूरज का किरणों से, संबंध सुहाना है-

 

सखियों का राधा से, राधा का मोहन से

मोहन का मुरली से, संबंध सुहाना है-

 

पेड़ों का पत्तों से, पत्तों का फूलों से

फूलों का खुशबू से, संबंध सुहाना है-

 

 जन-जन में प्रेम झलके, हर मन में प्रेम छलके

मन का इस छलकन से, संबंध सुहाना है-

 

लीला तिवानी

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परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।