फूलों-कलियों ने महफिल सजाई (भावगीत)

फूलों-कलियों ने महफिल सजाई, जन्मदिन तेरा है 
सारी सृष्टि आज महकाई, जन्मदिन तेरा है-

अंबर में फैले उजियारे,
सूरज चंदा नजर उतारें
आज तारों ने महफिल सजाई, जन्मदिन तेरा है
फूलों-कलियों ने महफिल सजाई जन्मदिन तेरा है-

खुशियों की बारात सजी ऐ
शहनाई भी गूंज उठी है
आज दीपों ने महफिल सजाई, जन्मदिन तेरा है
फूलों-कलियों ने महफिल सजाई जन्मदिन तेरा है-

रास रचाएं श्याम सांवरिया
नाच रही राधा होके बांवरिया
आज मुरली ने महफिल सजाई, जन्मदिन तेरा है
फूलों-कलियों ने महफिल सजाई जन्मदिन तेरा है-

हर्षित है जग का हर कोना
बरसे चांदी बरसे सोना
आज आनंद ने महफिल सजाई, जन्मदिन तेरा है
फूलों-कलियों ने महफिल सजाई जन्मदिन तेरा है-

आशीषें ले सुरगण आए
सब मिल झूमें-नाचें-गाएं
आज रौनक ने महफिल सजाई, जन्मदिन तेरा है
फूलों-कलियों ने महफिल सजाई जन्मदिन तेरा है-

(तर्ज़-अपनी करुणा का जाम पिलादे, मैय्याजी तेरी जय होवे————-)

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।