सड़क पर ‘यमराज’

देश-विदेश में ऐसी कौन-सी जगह है, जहां सड़क पर ‘यमराज’ नहीं उतरे हों.

अभी-अभी बम्बई की बारिश ने कई लोगों की जान ली है, सड़क के गड्ढे ही स्वयं जान लेने वाले ‘यमराज’ बन गए.

दक्षिणी जापान में बारिश और बाढ़ का कहर, अब तक करीब 150 की मौत.

जोधपुर की बारिश में 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से एसयूवी चला फेसबुक पर लाइव दिखा रहे थे वीडियो और हो गया हादसा. चालक ने सामने देखने की बजाय मोबाइल की तरफ देखना शुरू कर दिया और उनकी एसयूवी एक पेड़ से जा भिड़ी.

बुंडू में दो ट्रकों की टक्कर, एक की मौत, तीन घायल.

ये सब ‘यमराज’ की ही तो माया है और है ‘यमराज’ का बुलावा, लेकिन लोग हैं कि सुनने को ही तैयार नहीं. वे न सीट बेल्ट लगाएंगे, न हेल्मेट पहनेंगे, न मोबाइल का प्रयोग छोड़ेंगे, न ही गलत ओवरटेक करना छोड़ेंगे. अब स्वयं ‘यमराज’ हेल्मट की कीमत समझाने खुद सड़क पर उतरे हैं.

‘मौत के देवता’ यमराज उतरे हैं बेंगलुरु की सड़कों पर लेकिन किसी की जान लेने नहीं, लोगों की जान बचाने. उलसूर गेट ट्रैफिक पुलिस ‘यमराज’ के साथ मिलकर लोगों को हेल्मेट पहनने के बारे में जागरुक कर रही है. लोग ‘यमराज’ वेषधारी की बात सुन-मान भी रहे हैं. आखिर, यम की बात नजरअंदाज करने की गुस्ताखी कौन करेगा?

‘मौत के देवता’ यमराज की बात सुन-समझकर ही हादसे रुकें, पर रुकें तो सही!

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।