होली

बाल काव्य सुमन संग्रह से बाल गीत

लाल-गुलाबी-नीले-पीले,
रंग ले होली आई है.
केसर-अबीर-गुलाल सजीले,
लेकर होली आई है.
तन को रंग लो, मन को रंग लो,
जीवन रंगने आई है.
टेसू-गेंदा और गुलाब ले,
जग महकाने आई है.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।