काउंटिंग की काउंटिंग

लीजिए साहब लोकसभा चुनाव की काउंटिंग पूरी हो गई. अब हम काउंटिंग की काउंटिंग का जायजा लेंगे-

लोकसभा चुनाव नतीजे: मोदी का कमाल, पहली बार हुआ ये सब
2019 के लोकसभा चुनाव बीजेपी ने जोरदार जीत दर्ज करते हुए केंद्र की सत्ता में वापसी की है. पीएम नरेंद्र मोदी लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएंगे. पार्टी ने उनके नेतृत्व में पहली बार 300 से ज्यादा सीटें जीती हैं.
लोकसभा चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए को पूर्ण बहुमत मिला.
बीजेपी ने अकेले 300 सीटों के आंकड़े को पार किया.
पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 18 सीटों पर जीत दर्ज की.
बिहार में लालू यादव की पार्टी आरजेडी का पहली बार खाता तक नहीं खुला.

लोकसभा चुनाव में बीजेपी की सुनामी, इस रणनीति से पीएम मोदी ने देशभर में खिलाया कमल- अकेले दम बीजेपी की 303 सीटें-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव में पूरे देश को केसरिया रंग में रंग दिया. पूरब से पश्चिम और उत्‍तर से दक्षिण तक बीजेपी को सीटें म‍िलीं. इस शानदार सफलता के लिए पीएम मोदी ने एक खास रणनीति के तहत काम क‍िया. समूचा लोकसभा चुनाव एक नाम और एक चेहरे पर लड़ा गया. वह थे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। यह मोदी की विजयी रणनीति थी जिसने बीजेपी को रेकॉर्ड तोड़ जीत दिलाई. हालत यह हो गई है कि इस बार भी लोकसभा में कोई भी मुख्‍य विपक्षी दल नहीं रहेगा.

बहुमत से मिलेगी ताकत, राष्ट्रपति प्रणाली पर प्रधानमंत्री के तौर पर काम करेंगे नरेंद्र मोदी-
पीएम नरेंद्र मोदी को 2019 के आम चुनाव में पिछली बार से ज्यादा सीटों से जीत मिली है और इसका असर उनके कार्यकाल के दौरान भी देखने को मिल सकता है. पहले टर्म में पीएम नरेंद्र मोदी ने एक तरह से पूरी कैबिनेट को प्रेजिडेंशल सिस्टम के तहत चलाया.

आगे बढ़ने से पहले हम यह भी देख लें, कि शानदार-जानदार जनादेश प्राप्त मोदी सरकार के पास हमें कुछ देने की क्या-क्या सौगात है-

मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था में जान फूंकने का खाका पहले ही तैयार किया, मध्य वर्ग पर और घट सकता है टैक्स का बोझ
केंद्र में दोबारा सत्तासीन होने वाली नई सरकार ने अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने के लिए एक मसौदा पहले ही तैयार कर लिया है. मसौदे के तहत न सिर्फ मध्य वर्ग पर कर का बोझ कम किया जाएगा, बल्कि जीएसटी के स्लैब को भी घटाया जा सकता है.

अब बात काउंटिंग की-
किसी कांग्रेस अध्यक्ष को हराने वाली स्मृति पहली कैंडिडेट हैं-
अमेठी में स्मृति की ऐतिहासिक जीत: राहुल के आंगन में यूं ही नहीं उग आई ‘तुलसी’
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को बीजेपी कैंडिडेट स्मृति इरानी ने 55,120 वोटों से मात दे दी. स्मृति को कुल 468,514 जबकि राहुल गांधी को 413,394 वोट हासिल हुए. किसी कांग्रेस अध्यक्ष को हराने वाली स्मृति पहली कैंडिडेट हैं.

जालंधर: परिवार में 9 लोग, लोकसभा चुनाव में 5 वोट मिलने पर रो पड़ा शख्स
जालंधर में लोकसभा चुनाव के लिए उतरे एक प्रत्याशी नतीजे आने पर काउंटिंग सेंटर में ही रो पड़े. उनके परिवार में 9 लोग थे लेकिन उन्हें 5 वोट ही मिले. उनके विडियो को गुरुवार शाम तक ही लाखों लोगों ने देख लिया.

मछलीशहर सीट पर रही कांटे की जंग, मात्र 181 वोटों से मिली जीत-
मछलीशहर लोकसभा सीट पर बीजेपी के प्रत्‍याशी बीपी सरोज ने बीएसपी के प्रत्‍याशी टी राम को मात्र 181 वोटों से मात दे दी. 32 राउंड की जंग के बाद बीजेपी के बीपी सरोज ने बीएसपी के टी राम को 181 वोटों से हराया. माना जा रहा है क‍ि बीपी सरोज सबसे कम वोटों से जीतने वाले सांसद हैं.

‘राइट’ के पास गए ‘लेफ्ट’ के वोट, बंगाल ने दिखाया परिवर्तन का मूड-
लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में टीएमसी को 22, बीजेपी को 18 और कांग्रेस को दो सीटें म‍िली हैं. मोदी लहर में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में अपना अब तक सबसे अच्‍छा प्रदर्शन क‍िया है. पार्टी की नजरें अब व‍िधानसभा चुनाव पर हैं.

बीएसपी के साथ गठबंधन से नाराज मुलायम ने पहले ही कर दी थी हार की भविष्यवाणी-
दोनों पार्टियों के इस सीट बंटवारे को लेकर मुलायम खुश नहीं थे. उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपना गुस्सा भी व्यक्त किया था. किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि अनुभवी राजनेता के शब्द परिणाम के दिन सही साबित होंगे. यादव परिवार के पांच में से तीन सदस्यों को बुरी हार का सामना करना पड़ा.

पुरी लोकसभा सीट से 11 हजार से ज्यादा वोटों से हारे संबित पात्रा-
ओडिशा की हाई-प्रोफाइल सीट पुरी से बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा 11 हजार से अधिक वोटों से हार गए हैं. पुरी पर मुकाबला काफी दिलचस्प हुआ और शुक्रवार सुबह यहां नतीजे घोषित हुए.

मोदी लहर में भी जीते बीएसपी के फरार उम्मीदवार अतुल कुमार सिंह-
उत्तर प्रदेश की घोसी सीट से लापता उम्मीदवार अतुल सिंह भी जीत गए हैं. वह बीएसपी के प्रत्याशी हैं. रेप का आरोप लगने के बाद वह क्षेत्र छोड़कर चले गए हालांकि दूसरे नेताओं ने चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी संभाल ली.

पिता के नक्शेकदम पर चलकर अब जगनमोहन रेड्डी बनेंगे आंध्र प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री-
आंध प्रदेश में टीडीपी का सूपड़ा साफ करते हुए जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस आंध्र प्रदेश के सीएम बनने जा रहे हैं. जगन रेड्डी ने 2009 में कांग्रेस से अलग होकर वाईएसआर कांग्रेस की नींव रखी. 10 साल तक धूल फांकने के बाद वह अब मुख्यमंत्री बनकर इतिहास रचेंगे.

17वीं लोकसभा में सर्वाधिक महिला सांसद, 78 जीतीं
लोकसभा चुनाव में कुल 8049 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें 724 महिला उम्मीदवार थीं. मौजूदा लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या 64 है. इनमें से 28 मौजूदा महिला सांसद चुनाव मैदान में थी.
सबसे अधिक 40 महिला उम्मीदवार बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीतकर संसद पहुंचीं.
कांग्रेस पार्टी से केवल एक महिला उम्मीदवार सोनिया गांधी की रायबरेली से हुई जीत.
महिला सांसदों की सबसे कम संख्या 9वीं लोकसभा में थी, तब 28 महिला सांसद थीं.

शरद पवार 1991 से ही देख रहे PM बनने का सपना, पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद उम्मीदें धराशायी-
काफी लंबे समय से पीएम का सपना देख रहे एनसीपी चीफ शरद पवार कभी किंगमेकर की भूमिका में रहे तो कभी गठबंधन के मुख्य सूत्रधार. उनकी पार्टी को महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से केवल 4 सीटों पर ही जीत मिली. तीन बार के सीएम रहे पवार केंद्र में रक्षा मंत्री और कृषि मंत्री भी रह चुके हैं.

लोकसभा चुनाव: भगवा आंधी में उड़े एसपी-बीएसपी और आरजेडी, अस्तित्‍व पर ही मंडराया संकट-
लोकसभा चुनाव परिणाम में बीएसपी को 10, एसपी को 5 सीटें मिली हैं. उधर, भगवा लहर में बिहार में महागठबंधन बनाने वाली आरजेडी का खाता भी नहीं खुला है. आलम यह है कि अब इन तीनों ही दलों के अस्तित्‍व पर ही संकट मंडराने लगा है.

2014 में यूपी से संसद नहीं पहुंचा था एक भी मुस्लिम, इस बार चुने गए छह
पिछली लोकसभा में उत्तर प्रदेश के विपक्ष के पास एक भी मुस्लिम चेहरा नहीं था, लेकिन इस बार लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद मुस्लिमों की आवाज के लिए विपक्ष के पास छह चेहरे होंगे.

करारी हार के बाद कांग्रेस की अगली चुनौती, एमपी में कैसे बचेगी कमलनाथ सरकार?-
लोकसभा चुनाव में मोदी की सुनामी के बाद राज्य में कमलनाथ की अगुआई वाली कांग्रेस सरकार पर खतरा बढ़ सकता है. राज्य की 29 लोकसभा सीटों में से बीजेपी ने 28 सीटों पर कब्जा जमाया है. वहीं, कांग्रेस सिर्फ 1 सीट पर सिमट गई.

काउंटिंग की शेष खबरें प्रतिक्रियाओं में आपके बताने के लिए छोड़ दी हैं, हम भी बताते रहेंगे.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।