प्रदेश का अनुपूरक बजट ऐतिहासिक व सभी के लिए

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नयी अवधारणा सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास जीतने के साथ आगामी विधानसभा चुनावों को जीतने के लिए अब अपने कदम आगे बढ़ाने शुरू कर दिये हैं। प्रदेश सरकार ने 13,594.87 करोड़़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया है। प्रदेश के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा अुनपूरक बजट है जिसमें समाज के हर वर्ग व हर क्षेत्र के विकास के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराया गया है। विपक्ष पूरी तरह से हताश व निराश होकर बजट को दिशाहीन व निराशाजनक बता रहा है क्योंकि अब विपक्ष के विगत 24 वर्षों के पापों व भ्रष्टाचार की कलई जनता के सामने आ रही है। अब विपक्ष के पास सरकार को घेरने के लिए तरकश जो तीर थे वह धीरे-धीरे पूरी तरह से खाली होते जा रहे हैं। विरोधी दलों ने प्रदेश को पूरी तरह से लूट लिया है। फिर भी प्रदेश की योगी सरकार सबका समान विश्वास जीतने के लिए कृतसंकल्प नजर आ रही है।
अनुपूरक बजट में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने व एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट निर्माण में तेजी लाने तथा मुस्लिमबहुल इलाकों के विकास के लिए भी 217 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। आगामी चुनावों में प्रदेश सरकार के कर्मचारियों की नाराजगी को कुछ हद तक कम करने के लिए भी सरकार ने अपने अनुपूरक बजट में प्रभावी कदम उठा दिये हैं। प्रदेश में हिंदुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए अब हिंदुओं के सभी पवित्र धार्मिक स्थलों का पर्यटन की दृष्टि से विहंगम विकास किया जा रहा है। मुस्लिम समाज पर भी सरकार ने पर्याप्त ध्यान दिया है। अगर स्वतंत्र व निष्पक्ष ईमानदारी से बजट का विश्लेषण किया जाये तो अब विपक्ष व भाजपा के धुर राजनैतिक विचारधारा के विरोधियों को यह कहने कतई अधिकार नहीं रह गया है कि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार मुस्लिम समाज की विरोधी है।
प्रदेश सरकार के अनुपूरक बजट में अयोध्या, मथुरा, काशी सहित तीर्थस्थलों के विकास पर भी बल दिया है, तो वहीं आगरा में सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखने के लिए मुगल म्यूजियम बनाने का भी ऐलान किया गया है। आगरा में मुगल म्यूजियम बनाने के लिए 20 करोड़ रुपये की रकम दी गयी है जिसमें मुगल शासकों के इतिहास की झलक और उनकी सांस्कृतिक विरासत देखने को मिलेगी। सीतापुर में नैमिषारण्य के विकास के लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्नाव में राजाराव राम बख्श सिंह पार्क का निर्माण कराया जायेगा वहीं मिर्जापुर के विंध्यवासिनी मंदिर धाम के विकास के लिए भी दस करोड़ रुपये का प्रावधान कर दिया गया है। अयोध्या में दीपोत्सव के लिए भी छह करोड़ रूप्ये का प्रावधान किया गया है। एक प्रकार से अब धार्मिक पर्यटन के माध्यम से ही हिंदुत्व के एजेंडे को आगे और तीखी धार दी जाने वाली है।
सरकार ने अपने बजट में सामाजिक व स्वास्थ्य संबंधी सरोकारों पर भी नजर रखी है। आशा बहुओं के लिए परिवार कल्याण विभाग की 50 करोड़ रुपये की माग सदन ने मंजूर कर ली है। आशा बहुओं को विभिन्न योजनाओं के तहत मानदेय बढ़कर दो हजार रुपये हो गया है। इससे प्रदेश की एक लाख 44 हजार आशा बहुओं को सीधा लाभ होगा। मेडिकल कालेजों और पीजीआई के लिए 83 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। लखनऊ के अलावा चार अन्य शहरों वाराणसी, गोरखपुर, आगरा और मेरठ में भी औषधि प्रयोगशाला स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। पीजीआई के ट्रामा सेंटर का विकास किया जायेगा और अब यह 210 बेड का होने जा रहा है। बजट में जनजातियों के कल्याण पर भी ध्यान दिया गया है। इनके विकास के लिए 1030.87 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। मिड-डे-मील कार्यक्रम के लिए 5 करोड़ 64 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जनजातियों के कल्याण के लिए 2 करोड़ 73 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। जनजातीय बहुल इलाकों में पशुगणना के लिए 30 लाख का प्रावधान किया गया है।
प्रदेश की योगी सरकार के अनुपूरक बजट की सबसे बड़ी विशेषता मुस्लिम समाज का विश्वास जीतने के लिए 217 करोड़ रुपये का जो प्र्रावधान किया गया है, वह काफी ऐतिहासिक है। यह रकम प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम के तहत दी गयी है। इसमें प्रदेश के मुस्लिम बहुल 47 जिलों के 143 ब्लाकों, 15 जिला मुख्यालयों व 39 नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों में विकास कार्य किये जायेंगे। इसके तहत प्रदेश सरकार ने जहां मदरसों के शिक्षकों की पेंशन, उनके अंशदान पर ब्याज के लिए रकम तो दी ही है, वहीं इन जिलों में आईटीआई बनाने और वहां के मुस्लिमसमाज के युवाओं को कौशल विकास के तहत प्रशिक्षित करने का इंतजाम भी किया जा रहा है। इन जिलों में मुस्लिम समाज के स्वास्थ्य की भी चिंता योगी सरकार ने की है। मदरसे के आधुिनकीकरण के लिए भी 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुरादाबाद, बरेली, सहारनपुर मेरठ मंडल के सभी जिलों एवं गाजीपुर, मऊ, जौनपुर, आजमगढ़, संतकबीरनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, प्रतापगढ़ जिलों का पर्याप्त विकास किया जायेगा। इतना ही नहीं प्रदेश सरकार ने मुस्लिम बहुल आजमगढ़ जिले में नया विश्वविद्यालय बनाने का प्रस्ताव भी रखा है और धन का प्रावधान कर दिया है।
इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी हताश निराश विपक्ष को सरकार की हर अच्छी चीज पर अपने विचारों व सोच के अनुरूप निराशा ही नजर आ रही है। अब प्रदेश सरकार समानता के आधार पर सभी का विकास कर रही है। अब जातिवाद, क्षेत्रवाद और अल्पसंख्यकवाद के आधार पर बजट का प्रावधान नहीं किया जा रहा है। बजट असमान नहीं अपितु असमानता की विचारधारा पर आधारित है। सभी विरोधी दल पूरी तरह से पेशेवर निराशावादी हो गये हैं तथा समाज में निराशा फैलाने की साजिश रचते रहते हैं।
— मृत्युंजय दीक्षित