लघुकथा

कन्याभोज

कन्याभोज

क्या रन्नो रानी! कैसा चल रहा है?

आइये, आइये रूप बाबू! बड़े दिनों बाद इस गरीबखाने में?

हाँ काम-काज में कुछ ज्यादा व्यस्त हो गये थे।

तो कहिए! आज किसको भेजूँ आपकी सेवा में?

किसी को भी भेज दो, बस कमसिन कली हो….

15 साल की कायना को भेज दूँ? अभी 3 दिन पहले ही उसका प्रेमी एक लाख में बेच गया है। लेकिन मालिक! उसके लिए दो घंटे रूकना पड़ेगा।

आय हाय! उसके लिए तो रातभर इंतजार कर सकता हूँ पर क्या करूँ? कल दुर्गा-अष्टमी है ना! घर में पूजा है उसके बाद कन्या भोज……….

परिचय - सौरभ दीक्षित मानस

नामः- सौरभ दीक्षित पिडिट्स पताः- भवन संख्या 106, जे ब्लाक, गुजैनी कानपुर नगर पिन 208022, उत्तरप्रदेश मो 8004987487, 9760253965

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