कविता

विश्वास

जीवन में विश्वास रखते हैं हम तो ,
हमेशा सफलता की सीढ़ियों चढ़ते है हम ,
विश्वास जीवन कि अभिलाषा है ,
विश्वास हमारी आशा है !
जीवन के डगर पर हमे ,
बहुत कांटे ही कांटे मिलेगे ,
अगर हम पिछड़ जायेगे तो ,
विश्वास ही हमें सफलता दिलाएगा  !
रास्ते बहुत कठिन है ,
चलना है सभल- सभल के ,
इस बेपनाह जिंदगी में ,
विश्वास ही एक डगर है !
जीवन की जीने की ,
या जीवन की सीखने की ,
एक ही रास्ता , एक ही पड़ाव ,
विश्वास ही सबसे बड़ी है !
विश्वास के लिए हम ,
जान दे देते है ,
इस नासमझ दुनिया में ,
हम स्वयं को खो देते है !
प्यार मोहब्बत की दुनिया में ,
विश्वास ही सबकुछ होता है ,
अगर कहीं विश्वास ना हो तो ,
जीवन नर्क हो जाता है !
जीवन की सबसे बहुमूल्य हीरा ,
विश्वास ही सबकुछ होता है ,
अगर विश्वास न हो तो ,
जीवन रहस्य हो जाता है !
— रूपेश कुमार

परिचय - रूपेश कुमार

भौतिक विज्ञान छात्र एव युवा साहित्यकार जन्म - 10/05/1991 शिक्षा - स्नाकोतर भौतिकी , इसाई धर्म(डीपलोमा) , ए.डी.सी.ए (कम्युटर),बी.एड(फिजिकल साइंस) वर्तमान-प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी ! प्रकाशित पुस्तक ~ *"मेरी कलम रो रही है"*(एकल संग्रह) एव आठ साझा संग्रह, एक अंग्रेजी मे ! विभिन्न राष्ट्रिय पत्र-पत्रिकाओ मे सैकड़ो से अधिक कविता,कहानी,गजल प्रकाशित ! राष्ट्रिय साहित्यिक संस्थानों से सैकड़ो से अधिक सम्मान प्राप्त ! राष्ट्रिय सचिव ~ *"राष्ट्रिय आंचलिक साहित्य संस्थान"*(भारत सरकार द्वारा Registered संस्था) एव *"कलम की सुगंध"*(भारत सरकार द्वारा Registered संस्था) सदस्य ~ भारतीय ज्ञानपीठ (आजीवन सदस्य) पता ~ ग्राम ~ चैनपुर  पोस्ट -चैनपुर, जिला - सीवान  पिन - 841203 (बिहार) What apps ~ 9934963293 E-mail - - rupeshkumar01991@gmail.com

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