सामाजिक

सदाबहार कैलेंडर

1.The shortest distance between tw people,
Is a SMILE.

2.Often when we lose all hope and think,
‘This is the end’,
God smiles from above and says,
‘Relex dear!
It’s just a band.’

3.Don’t downgrade your dream to match your reality,
Upgrade your faith to match your destiny.

4.Expression of eyes
Can be read by
Everyone…
But depression
Of heart
Can be read only by
Best one..
Care for everyone
But
Don’t lose the best one.

5.जेब में क्यों रखते हो खुशी के लम्हे?
अगर बांट दो तो–
न गिरने का डर
न चोरी का डर!

6.जो व्यक्ति स्पष्ट-साफ-सीधी बात करता है,
उसकी वाणी तीव्र और कठोर होती है,
लेकिन ऐसा व्यक्ति किसी को धोखा नहीं दे सकता.

7.एक दिन किसी ने फूल से पूछा-
‘तुमने लोगों को खुशबू दी, बदले में तुम्हें क्या मिला?-
तब फूल ने कहा-
‘देने के बदले लेना तो व्यापार है,
और जो देकर न मांगे, वही तो प्यार है!’

8.हरि से कबहूं न बोलिए, संकट सिर पे नाथ,
पर संकट को बोलिए, हरि हैं मेरे साथ!

9.मुश्किलों का आना ”Part of life” है.
और उनमें से हंसकर बाहर आना ”Art of life” है.

10.राधे कृष्ण = राह दे कृष्ण
राधिका कृष्ण= राह दिखा कृष्ण
मीरा कृष्ण= मेरा कृष्ण
हरे कृष्ण= हर एक का कृष्ण.

11.छोटी-छोटी खुशियां ही तो जीने का सहारा होती हैं,
ख्वाहिशों का क्या वो तो पल-पल बदलती हैं.

12.हंस कर जीना दस्तूर है जिंदगी का,
एक यही किस्सा मशहूर है जिंदगी का,
बीते हुए पल कभी लौट कर नहीं आते,
यही सबसे बड़ा कसूर है जिंदगी का.

13.वाणी, आचरण व व्यवहार से,
किसी को कष्ट न देना भी ईश्वर की स्तुति है.

14.शब्द भी गजब की चीज हैं,
महकें तो लगाव, बहकें तो घाव.

15.जिंदगी एक प्रतिध्वनि है,
सब कुछ वापिस आ जाता है,
अच्छा-बुरा, झूठ-सच,
अतः दुनिया को आप सबसे अच्छा देने का प्रयास करें
और निश्चित ही सबसे अच्छा आपके पास आता है.

16.अच्छे लोगों में एक खास बात होती है,
वो बुरे वक्त में भी अच्छे होते हैं.

17.चलती नहीं जिंदगी…..कभी किसी के बिना,
लेकिन वह गुजरती भी नहीं… अपनों के बिना.

18.आज खो दिया कल के लिये,
कभी जी न सके आज के लिये,
बीत रही है ज़िंदगी,
कल आज और कल के लिये.

19.मैं ”किसी से” बेहतर करूं, क्या फर्क पड़ता है!
मैं ”किसी का” बेहतर करूं, बहुत फर्क पड़ता है!!

20.ज़िंदगी जो शेष है,
वही विशेष है.

21.यदि आपके चन्द मीठे बोलों से किसी का रक्त बढ़ता है,
तो यह रक्तदान है,
यदि आपके किसी की पीठ थपथपाने से किसी की थकावट दूर होती है,
तो यह श्रमदान है,
यदि खाते समय उतना ही लें जो व्यर्थ न जाये,
तो यह अन्नदान है.

22.ज़िंदगी चाहे एक दिन की हो या चार दिन की,
ऐसे जियो जैसे तुम्हें ज़िंदगी नहीं मिली,
ज़िंदगी को तुम मिले हो.

23.रिश्ते निभाना हर किसी के बस की बात नहीं,
अपना दिल भी दुखाना पड़ता है, औरों की खुशी के लिये.

24.जिंदगी में एक दूसरे के जैसा होना जरूरी नहीं होता,
एक दूसरे के लिये होना जरूरी होता है.

25.खुशियाँ हमेशां चंदन की तरह होती हैं,
दूसरों के माथे पर लगाओ,
तो अपनी उंगलियाँ भी महक जाती हैं.

26.जो शख्स दूसरों के चेहरे की मुस्कान देखकर खुश होता है,
ईश्वर उसके चेहरे की मुस्कान कभी फीकी नहीं पड़ने देता.

27.नये रिश्ते न बनें, तो मलाल न करना,
पुराने टूट न जाएं, बस इतना ख्याल रखना.

28.कुछ ज्यादा ख्वाहिशें नहीं ऐ ज़िंदगी तुझसे,
बस मेरा अगला कदम, पिछले से बेहतरीन हो.

29.आत्मविश्वास जिंदगी की सबसे खूबसूरत सुबह होती है,
जो आपके पूरे दिन को खूबसूरत बनाए रखती है.

30.उस जगह मत जाओ, जहां लोग तुम्हें बर्दाश्त करते हों,
वहां जाओ जहां लोग तुम्हें प्यार करते हों.

31.मिटा दो दिलों से अपने दहशतों को,
दहशत पल दो पल की मेहमां है,
इसे अपने दिलों में घर बसाने न दो,
ज़िन्दगी आप की है, इसे दहशत के साथ नहीं हिम्मत के साथ जियो.

प्रस्तुत है पाठकों के और हमारे प्रयास से सुसज्जित विशेष सदाबहार कैलेंडर. कृपया अगले विशेष सदाबहार कैलेंडर के लिए आप अपने अनमोल वचन भेजें. जिन भाइयों-बहिनों ने इस सदाबहार कैलेंडर के लिए अपने सदाबहार सुविचार भेजे हैं, उनका हार्दिक धन्यवाद.

हर सुबह एक नया सदाबहार अनमोल वचन निकालने के लिए आप हमारी इस ऐप कम वेबसाइट की सहायता ले सकते हैं-

https://www.sadabaharcalendar.com/

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।

2 thoughts on “सदाबहार कैलेंडर

  1. कामयाब व्यक्ति अपने चेहरे पे दो ही चीज़ें रखता है,
    मुस्कुराहट और ख़ामोशी,
    मुस्कुराहट- मसलों को हल करने के लिये,
    ख़ामोशी- मसलों को दूर करने के लिये.

  2. ज़िंदगी में कुछ ग़लत हो जाए तो, घबराना और डरना मत,
    क्योंकि दूध फटने पर वे ही लोग घबराते हैं जिन्हें, पनीर बनाना नहीं आता.

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