कविता

4 टटकी कविताएँ

1.

सावन का महीना

सुप्रभात,
शुभ दिवस और….
कि सावन का महीना
पवन करे शोर !
चोर और चोर
दिल का चोर !
पर आखिर
दिल माँगे क्यों मोर ?

2.

बीमार मानसून

बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त,
कोरोना से जिंदगी है लस्तपस्त !
न आगे नाथ, न पीछे पगहिया,
क्यों जाऊँ करबिगहिया ?
नए इलाकों में
ढेर ढेर आईने,
हर हैं यहाँ कमीने !
मानसून बीमार
और तभी तो
7 सेंटीमीटर बारिश,
लिए बेहतरीन ख्वाहिश !

3.

छींकिंग

छींक और छाँक,
मास्क और आस्क !
हिंदी छींक-छाँक,
और अंग्रेजी मास्क-आस्क !
महामारी में बढ़ोतरी,
ठीक होने की दर में भी बढ़ोतरी !
ऑक्सीजन और ऑक्सीजन सिलेंडर,
जय जय हो सिकंदर !

4.

रोज मरे

रोज-रोज मर्रे,
हिप-हिप हुर्रे !
क्यों यह कहते हो वत्स ?
क्यों हुए हैं उत्स ?
ओ जानेवाले
क्या कहूँ या क्या ना कहूँ ?
आगत हो, व्यागत हो,
व्यथित हो, पतित हो !
लेकिन बावजूद
रोज-रोज मर्रे,
हिप-हिप हुर्रे !

परिचय - डॉ. सदानंद पॉल

तीन विषयों में एम.ए., नेट उत्तीर्ण, जे.आर.एफ. (MoC), मानद डॉक्टरेट. 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर सहित सर्वाधिक 300+ रिकॉर्ड्स हेतु नाम दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 10,000+ रचनाएँ और पत्र प्रकाशित. भारत के सबसे युवा संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में क्वालीफाई. पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.

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