कविता

रातें गुमनामी

इस सदी के दूसरे दशक की

अंतिम तारीख के शेष घंटे हेतु

मेरे तरफ से भरपूर प्यार,

मित्रो !

××××

रातें गुमनामी लिए होती हैं,

लेकिन हर रातें

कम से कम

एक कहानी

जरूर छोड़ जाती हैं !

××××

आप मर्द हैं,

इसलिए औरतों की

हर परेशानियों को

दूर करते रहिए….

गोकि उस ओर

वो कभी नहीं ताकेंगी

कि मर्द भी तो

परेशान हो सकते हैं !

××××

हमें

हर लिंगधारी

मित्रो से घनिष्ठता

नहीं बढ़ानी चाहिए !