लघुकथा

बढ़ना ही अविराम

घड़ी की सुई एक बजा रही थी ,नींद आँखों से कोसों दूर ।बावड़ा मन किसी निश्चय की घड़ी की तलाश में बिना थके दौड़ता ही जा रहा था ।

विनी से गलती कहाँ हुई थी वह तो माँ के कहने पर भाभी की जचगी पर उनके मायके भाभी और अपनी नन्हीं गुड़िया को संभालने गई थी ।
भाभी नवप्रषुता होने की वज़ह से शीघ्र ही थक जाती थीं । ऐसे में नन्हीं को संभालने में वह दूसरी माँ इन दो दिनों में बन गई थी।।
उसे कहाँ होश था इस घर में कौन-कौन से सदस्य हैं , वह तो बस भाभी और अपनी गुड़िया में सारा जहां पा ली थी । गुड़िया को लेकर वह हॉल में आ गई तभी उसकी आँख लग गई।
नींद क्या टूटी ऐसा लगा मानों पलभर में उसे स्वाहा करने को ढ़ेरों लकड़ियां उसके ऊपर पड़ी हों अपना ही दुपट्टा उसकी चींख एवं चित्कार को बाहर जाने से रोक रही थी। ओहह यह लकड़ियां नहीं कोई नरपिशाच है।
नहींईईई ; आज वह अगर हार जायेगी तो आईने से कभी नज़र नहीं मिला पायेगी।
पूरी ताकत से अपने दाँत झूके चेहरे पर गड़ा दिये।

आहह ; अररे वाह बड़ा आया था मेरी आवाज का दम घोंटने वाले । अब तेरी ही आवाज दूर तक जा रही है। हिम्मत है तो अपनी चींख रोक लो , सतीत्व कोई खिलौना नहीं है कि खेलने आ गये।

पकड़ से छूटते ही वह बेतहाशा भागती चली गई। उसे होश कहाँ था कब तक भागेगी,बस भागते जा रही थी ।
आधी रात का समय सड़क से उतर कर वह दो घड़ी सुस्ताने के लिए बैठ गई।
हे भगवान वह तो बैठ गई परंतु अपना और पूरे परिवार का कल सोच कर अब वह उलझती जा रही थी ।
किसी का स्पर्श पाकर वह चौंक गई।
“बेटी तुम्हारी हालत देखकर बस इतना ही कहूँगा ,तू दुर्गा है महिषासुर मर्दनी अपने किये पर पछतावा मत कर ।
कल का सुरज उगने से पहले अपने घरवालों से मिल । अपनी संतान का चेहरा पढ़ना जानते हैं माता-पिता बस थोड़ी सी हिम्मत और कर।”
पल भर में ही पछतावा भूल कर खुद को पुरस्कृत महसूस करने लगी ।
रेलवे स्टेशन पहुँचने से पहले वह अपने कपड़ों को सँवारने लगी।
आईना देख कर डर नहीं लगा , आईना भी मानों उसके नये रुप को पाकर मुस्कुराने लगा।
आरती राय. दरभंगा
बिहार .

परिचय - आरती राय

शैक्षणिक योग्यता--गृहणी जन्मतिथि - 11दिसंबर लेखन की विधाएँ - लघुकथा, कहानियाँ ,कवितायें प्रकाशित पुस्तकें - लघुत्तम महत्तम...लघुकथा संकलन . प्रकाशित दर्पण कथा संग्रह पुरस्कार/सम्मान - आकाशवाणी दरभंगा से कहानी का प्रसारण डाक का सम्पूर्ण पता - आरती राय कृष्णा पूरी .बरहेता रोड . लहेरियासराय जेल के पास जिला ...दरभंगा बिहार . Mo-9430350863 . ईमेल - arti.roy1112@gmail.com

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