राजनीति

यह सत्ता रोग ‘कैंसर’ से भी खतरनाक है

राष्ट्रपति महोदयों को क्या हो गया है, जूनियर पद में आते जा रहे हैं ?
श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ‘प्रधानमंत्री’ बने!

रूस के राष्ट्रपति रहते फिर ‘प्रधानमंत्री’ बने थे- व्लादिमीर पुतिन ! अब फिर राष्ट्रपति हैं !

भारत में एक समय प्रधानमंत्री देवगौड़ा जी प्रधानमंत्री बनने के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनना चाह रहे थे !

बाबूलाल गौर, नारायण राणे, पनीर सेल्वम इत्यादि मुख्यमंत्री बनने के बाद उप-मुख्यमंत्री व राज्य के कैबिनेट मंत्री बन बैठे !

यह सत्ता रोग ‘कैंसर’ से भी खतरनाक है!

परिचय - डॉ. सदानंद पॉल

तीन विषयों में एम.ए., नेट उत्तीर्ण, जे.आर.एफ. (MoC), मानद डॉक्टरेट. 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर सहित सर्वाधिक 300+ रिकॉर्ड्स हेतु नाम दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 10,000+ रचनाएँ और पत्र प्रकाशित. भारत के सबसे युवा संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में क्वालीफाई. पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.

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