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एक बिटिया का एक स्वर्गीय पिता को पत्र

(एक लड़की जिसने बस कुछ दिनों पहले अपने पिता को खोया उसकी क्या दशा होगी , और जब वो अपने पिताजी को पत्र लिखेगी तो क्या लिखेगी बस इसकी एक कल्पना की थी मैंने … वही लिख रहा हूँ… चूंकि पत्र पिता को लिखा जा रहा है इसलिए पारिवारिक बातों को नही लिया गया है […]

राजनीति विविध समाचार

दाऊद को भारत न ला पाने का कारण कौन ? पाकिस्तान या भारत के “नेताओं” की इच्छा शक्ति ?

हमारे देश मे दो तरह के नेता पाए जाते हैं आइए आपको एक जीवंत उदाहरण से समझाता हूँ सितंबर 2005 मे सरदार पटेल मार्ग पर एक दिन एक गाड़ी को पुलिस ने पकड़ा , पुलिस ने गाड़ी मे पाया की चार लोग थे जिसमे कुख्यात शूटर और दाऊद के लिए काम कर चुका रोहित मल्होत्रा भी था , उसके साथ उसके […]

अन्य लेख

एक महाराष्ट्र पुलिस के हवलदार से संवाद

कल पूरे परिवार के साथ घूमने गया था बारिश मे पूरे दिन मज़ा किया लेकिन वहीं पर एक पुलिस वाले अंकल मिले जो हमारे घर के पास वाले इलाके मे भी रहते हैं मैंने पूछा- अंकल जी आपको तो कभी छुट्टी नहीं मिलती तो आज कैसे घूमने आ गए ?? बोले- यार तेरेको पता है […]

राजनीति

राजनीतिक पार्टियां राजनीति कैसे करती हैं और चुनाव कैसे जीतती हैं

चूंकि मैं कोई मनोवैज्ञानिक तो हूँ नहीं लेकिन फिर भी एक एक छोटा सा अध्ययन मैंने किया था कुछ बच्चों को बुलाया जिसमे से कुछ चाँदी के चम्मच के साथ बाई डिफाल्ट पैदा हुए थे मतलब धनाड्य परिवार से थे, तो कुछ मध्यम वर्ग के थे और कुछ झोपडों मे रहने वाले गरीब घरों के बच्चे […]

हास्य व्यंग्य

स्कूल के वो दिन ! सच मे बड़े याद आते हैं

स्कूल जाते हुए जब छोटे छोटे बच्चों को आज देखा तो याद आ गया की कैसे हम आर्यसमाज के स्कूल मे पढ़ने वाले विद्यार्थी खाकी फुल पैंट और सफ़ेद शर्ट मे पूरे आरएसएस के स्वयंसेवक लगते थे बारिश के समय तो स्कूल जाने का मज़ा ही अलग होता था , कंधे पर 16-17 किलो का […]

लघुकथा

क्या सेकुलरिज़्म का ठेका हिंदुओं का है ??

आज या यूं कहूँ की अभी अभी(29-06-2014) एक “थोथे” सेकुलरिज़्म जिसे pseudo सेकुलरिज़्म भी कहते हैं उसे देखने का अवसर मिला तो घटना कुछ ऐसी है की मेरे घर के बाहर एक छोटी से दीवार है तो कुछ लोग जो थक जाते हैं वो महिलाएं और वृद्ध लोग वहीं पर बैठ जाते हैं एक मराठीभाषी […]