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  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    कौन ऐसा है जहां में कि जिसे कुछ गम नहीं मुझे तसल्ली देने वाले तेरा दुख भी कम नहीं खुद पे इतराने से पहले देख ले ये भी ज़रा है कौन सी दीवार जिसपे साया-ए-मातम नहीं...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    कौन उलझे सवाल कौन करे, चलो छोड़ो बवाल कौन करे गुज़र गई जैसी भी गुज़री, ज़िंदगी का मलाल कौन करे मंज़िल सामने खड़ी है पर, कौन उठे कमाल कौन करे हिज्र ही है नसीब जब अपना,...



  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    हम मेहनतकश इंसानों का बस इतना सा अफसाना है, सुबह हुई तो घर से निकले रात हुई घर जाना है दब के ज़रूरत के नीचे दम तोड़ा हर इक ख्वाहिश ने, अब अपने लिए तो जीना...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    मुझे ता-ज़िंदगी फिर रास्तों से प्यार हो जाता, जो मेरा हमसफर बनने को तू तैयार हो जाता मेरे दिल से तेरे दिल तक निकलता रास्ता कोई, ना रहता गम कोई जो तू मेरा गमख्वार हो जाता...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    सूखे पत्तों की तरह इधर-उधर जाते हैं, हमें खुद ही नहीं खबर है किधर जाते हैं अपनी किस्मत में तो खानाबदोशी है लिखी, जो खुशनसीब हैं हर शाम को घर जाते हैं जाने क्या बात है...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    ख्वाहिशें ले के हम हज़ार गए, पर तेरे दर से बेकरार गए तुझे गैरों से ना मिली फुर्सत, हम तुझे मिलने कितनी बार गए चाहा जो ना मिल सका मुझको, यूँ ही बस जिंदगी गुज़ार गए...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    किसने किसका दिल तोड़ा ये सारे ज़माने को है पता, कौन उजड़ा और कौन बसा ये सारे ज़माने को है पता किसने तोड़ी इश्क की कसमें प्यार के वादे भूला कौन, कौन वफा की राह चला...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    इंसानियत इंसान के हाथों कतल होती रही, नफरतों के बीज दुनिया किस कदर बोती रही बैठी रही सरकार बस कानों में डाले ऊंगलियाँ, हैवानियत हंसती रही, मासूमियत मरती रही हम तरसते ही रहे पानी की इक-इक...