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  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    बड़ी मुश्किल से ये जज़्बात छुपाए हमने, मुस्कुराए, ठहाके झूठे लगाए हमने तुमको मालूम ये शायद ना कभी हो पाए, तेरे जाने के बाद आंसू बहाए हमने प्यार किया हमने मगर तुमको बताया ही नहीं, दिल...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    कभी दूर जाने की बात है, कभी पास आने की बात है नहीं दिल्लगी दिलबर मेरे, ये दिल लगाने की बात है मेरा ज़िक्र सुनकर बोले वो, ये किस दीवाने की बात है रस्म-ए-उल्फत आजकल, गुज़रे...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    जो चाहा मुझको मिला नहीं, मिला था जो वो रहा नहीं क्या दुश्मनों से गिला करूँ, जब दोस्तों में वफा नहीं तेरे साथ गईं सब रौनकें, अब जिंदगी में मज़ा नहीं तेरी आरज़ू, तेरी जुस्तजू, मेरी...

  • कविता

    कविता

    अच्छे हैं इंसान यहां सब किसीको कम ना आँको तुम औरों को बुरा कहने से पहले ज़रा खुद में झाँको तुम हालात बना देते हैं होता जन्म से बुरा कोई नहीं कौन सी ऐसी आँख है...

  • न्यायालय का फ़ैसला

    न्यायालय का फ़ैसला

    कैसा उच्च न्यायालय का फैसला आया आज मानेगा अब कौन यहां पर है कानून का राज खंडित हुई है आस्था और बिखर गया विश्वास भैंस चरा के ले गया लाठी थी जिसके पास किसी मुकद्दमे की...

  • गीत

    गीत

    खो गई कहीं धरोहर सारी संस्कृति का नाश हुआ भूल के जिम्मेदारी आदमी इच्छाओं का दास हुआ पौ फटने से पहले उठना सोच पुरानी लगती है सूर्यवंशियों के बच्चों को रात सुहानी लगती है कौन करे...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    अँधेरा रात का और दिन का उजाला ढूँढ़े तुझे हर जगह तेरा चाहने वाला ढूँढ़े तेरे दीदार को पागल दिल-ए-बेताब मेरा तेरी तस्वीर हो जिसमें वो रिसाला ढूँढ़े तेरी बिखरी हुई यादें समेटने के लिए ज़हन...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    ये कारवां-ए-ज़िंदगी रूकता रहा चलता रहा, और उम्मीदों का दिया बुझता रहा जलता रहा ना तुम मिले ना दूर हो पाईं मेरी तनहाईयाँ, जीने की ख्वाहिश में मैं तो रात-दिन मरता रहा कर ना पाया मैं...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    जिद ना कर बात मान रहने दे, पुरखों का मकान रहने दे हर नई चीज़ नहीं है बेहतर, कुछ पुराने निशान रहने दे चमक-दमक से चकाचौंध ना हो, तलवार देख तू म्यान रहने दे थाम ले...

  • कब अच्छे दिन आयेंगे

    कब अच्छे दिन आयेंगे

    जिसको देखो पूछता है वो कब अच्छे दिन आएँगे कब हम घर में बैठकर अपने दूध-मलाई खाएँगे लेकिन हम ये भूल गए कि जबतक हम ना सुधरेंगे कैसे अपने वर्तमान हालातों से हम उबरेंगे मंज़िल ना...