गीत/नवगीत

कुछ कोशिश अब भी बाकी है

“कुछ कोशिश अब भी बाकी है” कुछ घाव पुराने बाकी हैं, कुछ जख्म पुराने बाकी हैं। हासिल करना है मंजिल को, कुछ कोशिश अब भी बाकी है। कुछ घाव पुराने बाकी हैं……. जीवन भर साथ निभाने में साथ तेरा गर पाया होता। तब धन्य समझती खुद को में, अब धन्य समझना बाकी है। कुछ घाव […]

सामाजिक

हार का शोक नहीं,जश्न मनाइए

प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में ऐसे तमाम मौक़े आते है जब उसको जीवन मे हार का सामना करना पड़ता है ।हार यानी क्या? जब भी हम कोई काम करने की सोचें और वो हमारे मनमाफिक न हो पाए तब हम यही सोचने लगते है कि हम हार गए कितनी अजीब बात है ना ?उसी समय […]

कविता

जीवन की गाड़ी फिर से पटरी पर होगी

..…………………………………….. आज गम है जीवन में कल खुशी भी होगी तनिक ठहरो उदास चेहरों पर हँसी भी होगी ये लम्हे जो तुमको लग रहे हैं आज कठिन राहें चार कदमों के बाद आसान भी होगी। कुछ सपने जो देखे हैं तुम्हारी आंखों ने मंजिलें पाने की जिद की है ख़्वावों ने थोड़ी सी मेहनत और […]

लघुकथा

महिमा के मन की घुटन (लघुकथा)

पुराने समय से ही हम सभी अपने से बड़े लोगों से अक्सर एक बात सुनते आए हैं कि सहनशील बनो और कभी-कभी कुछ चीज़ों से समझौता करना भी सीखो, क्योंकि एक सुखी जीवनयापन के लिए यह दोनों ही बातें बेहद जरूरी हैं। खासकर लड़कियों के लिए, क्योंकि उन्हें पराये घर जाना है और अपने परिवार […]

अन्य अन्य लेख इतिहास लेख

दहेज रूपी अमर बेल की जड़ें काटने का सही समय अब

………………………………………………………………… दहेज प्रथा भारतीय समाज में अमरबेल की भाँति इस तरह फैली कि इसने समाज के वट वृक्ष की सभी शाखाओं को न केवल आच्छादित कर लिया अपितु एक-एक शाखा की हरीतिमा को सोख लिया। लोलुप तर्कशास्त्रियों ने इसे संस्कृति में अंतर्निहित परंपरा मानने की दलीलें दीं औऱ कुछ ने समाज का अनिवार्य अंग मानकर […]

कविता

प्यार का मान होती हैं राखियाँ

सनेह के रस भाव में पगी होती हैं राखियाँ, बहन-भाई के प्यार का मान होती हैं राखियाँ। यूं तो रेशम का एक धागा ही होती हैं ये, पर बहन का स्वाभिमान होती हैं राखियाँ। दिया जाता है बहन को रक्षा का वचन, इसी एहसास का आभार होती हैं राखियाँ। सोना – चाँदी हीरे – मोती […]

गीतिका/ग़ज़ल

दोस्ती…..

जीवन में जब भी है अवरोध आया बन सखा उसने फिर संग है निभाया जिंदगी के सफर में मिले तो बहुत है मगर दोस्ती सा कोई रिश्ता न पाया दिया है सहारा हमेशा ही मुझको जमानें ने जब भी मुझे है सताया मुश्किलें भी आयी मुझे है बहुत सी सभी मुश्किलों को पर उसने हटाया […]

सामाजिक

समय की उपयोगिता और महत्व

हम सभी के पास एक बात होती है, जो हमेशा हमें प्रत्येक परिस्थिति में सम्भलने का हौसला प्रदान करती है और वो है बदलता समय। क्योंकि हम सभी जानते हैं, कि समय कभी एक जैसा नहीं रहता है। अगर आज हमें दुःख और परेशानी है तो निश्चित ही कल नहीं होगी। समय एक ऐसा चक्र […]