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  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    तारीफ़ से हबीब कभी तर नहीं हूँ मैं मुहताज़ के लिए कभी पत्थर नहीं हूँ मैं | वादा किया किसी से निभाया उसे जरूर इस बात रहनुमा से तो बदतर नहीं हूँ मैं | वो सोचते...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    थकी थकी सी’ दिखी थी, तनाव ऐसा था नकारना था’ कठिन वह, दबाव ऐसा था | कभी नहीं मिले’ भरपेट खाद्य निर्धन को गरीबी’ से सभी’ पीड़ित, अभाव ऐसा था | उथल पुथल हुआ सामान के...

  • नई सोच -कहानी

    नई सोच -कहानी

    नई सोच दीपा की शादी 10 वर्ष की उम्र में ही दीपंकर से हो गई थी | गांवकी रीति-रिवाजों के अनुसार वह 16 वर्ष की उम्र तक मायके में ही रही | उसके बाद उसका गौना...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    रहनुमा दूंढते हैं’ माल कहाँ सत्ता’ कुर्सी समान हाल कहाँ | प्यार में तेरे’ मैं हुआ बेहाल मेरे’ तक़दीर में विसाल कहाँ | रात दिन व्यस्त हैं सभी सैनिक देखते हैं कि कब बवाल कहाँ |...

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    ग़ज़ल

    राजाधिराज का गिरा’ दुर्जय कमान है सब जान ले अभी यही’ विधि का विधान है | अद्भूत जीव जानवरों का जहान है नीचे धरा, समीर परे आसमान है | संसार में तमाम चलन है ते’री वजह...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    चनावी दंगलों में स्याह धन की आजमाइश है इसी में रहनुमा के मन वचन की आजमाइश है | सभी नेता किये दावा कि उनकी टोली’ जीतेगी अदालत में अभी तो अभिपतन की आजमाइश है | खड़े...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    जिंदगी तू अब मुहब्बत गुनगुनाना सीख ले हर मुसीबत में सदा तू मुस्कुराना सीख ले | आपदा का आना’ जाना फ़क्त इत्तेफाक है मत डरो आपत्तियों से, डर मिटाना सीख ले | गर तुम्हे कोई डराए,...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    ये जिंदगी तो’ हो गयी’ दूभर कहे बग़ैर आता सदा वही बुरा’ अवसर कहे बग़ैर | बलमा नहीं गया कभी’ बाहर कहे बग़ैर आता कभी नहीं यहाँ’ जाकर कहे बग़ैर | है धर्म कर्म शील सभी...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    हाथ में वही अंगूरी सुरा,पियाला है रहनुमा का’ मन काला, वस्त्र पर उजाला है | छीन ली गई है आजीविका, दिवाला है ढूंढ़ते रहे हैं सब, स्रोत को खँगाला है | आसमान पर जुगनू, चाँद सूर्य...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    अक्सीर दवा भी अभी’ नाकाम बहुत है बेहोश मुझे करने’ मय-ए-जाम बहुत है | वादा किया’ देंगे सभी’ को घर, नहीं’ आशा टूटी है’ कुटी पर मुझे’ आराम बहुत है | प्रासाद विशाल और सुभीता सभी’...