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  • कविता : बेटी

    कविता : बेटी

    दुआओं सी मासूम कोमल सपनो सी ! फूलों पर झरती हुयी, शबनम सी ! पूजा है प्यार है बेटी, ईश्वर का अनुपम उपहार है बेटी ! मन्नत में मांगी हुई मुराद , घर में खुशियों की...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    चांदनी हमें जलाती रही रात भर आपकी याद सताती रही रात भर ! दिल मैं नाउम्मीदी सी जलती बुझती यादों की शमां झिलमिलाती रही रात भर ! तिरी खुशबु से महकता रहा जिस्म मेरा तिरी तस्वीर...

  • गजल

    गजल

    तिरे नाम खुशियों का गाँव लिख दूँ सर पर आँचल की छाँव लिख दूँ हर पग आलोकित हो कर्म पथ तेरा सारी दुआयें मैं तिरे नाम लिख दूँ फूलों सा महकता दिन हो तिरा खुशनुमा रोशन...

  • स्त्री

    स्त्री

    हमने तो जिसे भी चाहा वहाँ सिर्फ़ धोखा ही मिला . जिसके लिये हमने अपनी हर खुशी हर चाहत तक कुर्बान कर दी पर बदले में सिर्फ़ धोखा ही मिला . वो हमे समझ ही नहीं...

  • चाहत का सिला

    चाहत का सिला

    जिसको अपने दिल में बसाया, उसने ही दिल तोड़ा है !! भरी दुनियाँ में जिसने हमको, तन्हाँ करके छोड़ा है !! चाहत,मोहब्बत,प्यार,वफ़ा का, यही सिला क्यों होता है !! हमने जिसको मंजिल समझा, उसने चौराहे पर...

  • बदलते रिश्ते

    बदलते रिश्ते

      पल​-पल मैं बदलती हुई हमने, यहाँ हर रिश्ते की तस्वीर देखी! अपनेपन की चाहत मैं देखो, खुद मैं ही उलझी जिंदगी देखी! कितना बे-मुरब्बत हो गया है, देखो आज का हर इंसान यहाँ! न जज्बातों...

  • आखिर क्यों

    आखिर क्यों

      बदलते रुत की हवायें, हल्का सर्द एहसास , लिये मेरे कमरे में , आई है! साथ ही कुछ भूले बिसरे, पलों की यादें कैद कर, लाई है जिन्होनें मेरे अंतर्मन में हलचल सी मचा दी...


  • मंगल पाँडे

    मंगल पाँडे

    अग्रदूत बनकर स्वतंत्रता का , उसने शंखनाद किया ! लेकर साथ जवान,किसान, शुरू उसने संर्घष किया! देश को,आजाद कराने की , कसम उसने थी मन में खाई ! देश की खातिर मर मिटने की, आग सीने...

  • ये  जिंदगी

    ये जिंदगी

    एक तिलिस्म है, ये जिंदगी, जितना इसे पाना चाहा, उतना ही खो दिया ! अंधाधुंध सी दौड में हो शामिल, तुम भी ! इसे पाने के लिये इसमें होना, जरूरी है ! बडा पेचीदा सा दिमाग...