Author :




  • आखिर देरी क्यों

    आखिर देरी क्यों

    खुद की कविता के साथ रोहित सरदाना के बचाव में एक हिंदुस्तानी ——— जो कुचल रहे अस्मिता पत्रकारों की उनके फन कुचलने में आखिर देरी क्यों खुलेआम बेखौफ बेपर्द ऐसे देशद्रोहियों को देश से निकालने में...




  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    थक गया था , तरन्नुम ने तेरी जौहर दिखाया जागा नींद से मैं , अंजुमन ने गौर फरमाया हैशियत टूटी उनकी जिन्होंने रुतवा बताया सख्शियत जीती तब , जब तूने कहर बरफाया आवाज के आगोश में...


  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    तू मिले ना मिले , गिला नहीं कोई खबर दे सके मुझे ,मिला नहीं कोई आयातों ने नवाजा हो जिसे खुद उससे नूर ए नज्म  हिला नहीं कोई खुशामदी में कोई हीलाहवाली तो नहीं बकने के...