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  • गीतिका

    गीतिका

    कुछ यूँ हुआ असर तेरी प्यार भरी छुअन का, रोम रोम खिल उठा गुस्से में जलते बदन का। तेरे साँसों की तपन पिघला गयी मेरे गुस्से को, और बना गयी प्यासा मुझे वो तेरे मिलन का।...

  • कविता

    कविता

    तुम्हारी लम्बी उम्र के लिए माँग में सिंदूर सजाया मैंने, तुम ही हो सरताज मेरे बताने को बिंदिया सजाई मैंने, कभी नजर ना लगे तुम्हें आँखों में काजल लगाया मैंने, तुम्हारे सुख समृद्धि के लिए चूड़ियों...


  • आज के रावण

    आज के रावण

    उस रावण जैसी मर्यादा नहीं रखते आज के रावण, कानून क्या, ईश्वर से भी नहीं डरते आज के रावण। मारीच के जैसे स्वांग रचाकर जग में घूमते रहते ये, रक्तबीज जैसे हैं, मारे से नहीं मरते...




  • शिक्षक

    शिक्षक

    वो शिक्षक ही होता है जो हमें बोलना सिखाता है। जो ऊँगली पकड़ कर हमारी हमें चलना सिखाता है। वो शिक्षक ही होता है जो हाथ पकड़ कर लिखना सिखाता है। वो शिक्षक ही होता है...