Author :

  • गीतिका

    गीतिका

    किसी की दीवाली होगी, किसी का दिवाला होगा, किसी के घर अंधेरा होगा, किसी के उजाला होगा। अगर चुनाव परिणाम नहीं आया पक्ष में आज, देखना फिर तुम ईवीएम का ही मुँह काला होगा। कई उम्मीदवारों...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    नफरतों के इस दौर में प्यार की उम्मीद मत कर, हर किसी से सच के स्वीकार की उम्मीद मत कर। आँखों के इशारे सच्चे नहीं झूठे होते हैं आजकल, नजरों के मिलने से इजहार की उम्मीद...

  • कमाल कर दिया

    कमाल कर दिया

    मोदी शाह की इस जोड़ी ने कमाल कर दिया, बिना गला काटे दुश्मनों को हलाल कर दिया। पाकिस्तान भी ये समझ नहीं पा रहा क्या करे, धारा 370 हटाकर उसका बुरा हाल कर दिया। उमर, मुफ़्ती...


  • गीतिका

    गीतिका

    मोहब्बत के मायने और दायरे ही सिमट गए, हवस अपनी बुझाने को दोनों ही चिपट गए। शर्म नहीं रही है जमाने की आज किसी को, भरे बाज़ार मिलते ही एक दूजे से लिपट गए। कभी गाल...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    वक़्त वक़्त की बात है, नसीबों का खेल है, बंजर दिल पर प्यार का बीज बोते देखा है। मैंने सुना था पत्थरों को दर्द नहीं होता, पर मैंने एक पत्थर दिल को रोते देखा है। दिल...

  • कविता

    कविता

    हे भगवान मेरी है बस इतनी सी फरियाद चाहे जीवन छोटा ही देना पर देना दीपक के जैसा जैसे अँधेरी राहों को रोशन कर देता है दीपक मैं भी रोशन कर सकूँ किसी के सुने जीवन...

  • तुझसे बिछड़कर…

    तुझसे बिछड़कर…

    तुझसे बिछड़कर मैं सोई नहीं, दर्द आज भी है पर मैं रोई नहीं। जख्मों को मेरे आकर सहलाए, प्यार से उन पर मरहम लगाए, बेदर्द ज़माने में ऐसा कोई नहीं। बेशक तूने मुड़कर देखा नहीं, हाथों...

  • ग़ज़ल – शहादत पर…

    ग़ज़ल – शहादत पर…

    शहादत पर हमारी तुम सियासत मत करना, सुनो बदनाम हमारी यह शहादत मत करना। कड़ी निंदा की जगह घर में घुसकर मारना, केवल दिखावे की तुम खिलाफत मत करना। भेजकर देखो औलाद को देश की सीमा...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    मेरे दर पर वो आया नहीं कभी, आकर गले से लगाया नहीं कभी। राह तकते तकते आँखें थक गयी, चेहरा उसने दिखाया नहीं कभी। गया था करके वादा लौट आऊँगा, वो वादा उसने निभाया नहीं कभी।...