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  • आज के रावण

    आज के रावण

    उस रावण जैसी मर्यादा नहीं रखते आज के रावण, कानून क्या, ईश्वर से भी नहीं डरते आज के रावण। मारीच के जैसे स्वांग रचाकर जग में घूमते रहते ये, रक्तबीज जैसे हैं, मारे से नहीं मरते...




  • शिक्षक

    शिक्षक

    वो शिक्षक ही होता है जो हमें बोलना सिखाता है। जो ऊँगली पकड़ कर हमारी हमें चलना सिखाता है। वो शिक्षक ही होता है जो हाथ पकड़ कर लिखना सिखाता है। वो शिक्षक ही होता है...

  • गीतिका : ईद

    गीतिका : ईद

    चलो कुछ इस अंदाज में अपनी ये ईद मनाते हैं, बकरे की बलि की जगह रक्तदान करके आते हैं। बलि भी हो जाएगी और ये बकरे भी बच जाएंगे, चलो मिलकर हम एक नई रीत इस...

  • गीतिका : तीन तलाक

    गीतिका : तीन तलाक

    क्यों नहीं करूँ मैं मोदी की जय जयकार, मुस्लिम बहनों के साथ खड़ी रही सरकार। सुप्रीम कोर्ट में बहनों की आवाज बुलंद की, इमाम, मौलवियों पर किया तथ्यों का प्रहार। देखो तीन तलाक का जमकर विरोध...

  • सच्चाई लिखूँगी

    सच्चाई लिखूँगी

    गरीब की आह लिखूँगी, अमीर की चाह लिखूँगी, आम जनता के लिये राजनेता हैं बेपरवाह लिखूँगी। गरीब का दर्द लिखूँगी, वासना में डूबा मर्द लिखूँगी, मर्यादा छोड़ दी औरत ने, मची है अँधेरगर्द लिखूँगी। बिकता है...

  • कविता : तिरंगा

    कविता : तिरंगा

    मेरे हिंदुस्तान की शान है तिरंगा, मेरे देश का अभिमान है तिरंगा। सजदे में इसके झुकती है दुनिया, हर हिंदुस्तानी का मान है तिरंगा। क्या हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, देखो हर किसी की जान है तिरंगा।...