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  • आओ! आंदोलन-आंदोलन खेलें!!

    आओ! आंदोलन-आंदोलन खेलें!!

    आपका सोचना लाजिमी है कि भला आंदोलन से खेल का क्या वास्ता।  देश ही नहीं बल्कि दुनिया में जनांदोलनों ने बड़े बड़े तानाशाहों को धूल में मिला दिया। लेकिन जब आंदोलन  भी खेल भावना से किया जाने लगे...

  • भूख का इतिहास-भूगोल

    भूख का इतिहास-भूगोल

    क्या पता जब न्यूज चैनल नहीं थे तब हमारे सेलिब्रिटीज जेल जाते थे या नहीं… लेकिन हाल – फिलहाल उनसे जुड़ी तमाम अपडेट सूचनाएं लगातार मिलती रहती है। जब भी कोई सेलेब्रिटीज जेल जाता है तो मेरी...

  • माफी के मजे

    माफी के मजे

    क्या पता महाभारत काल में धृतराष्ट्र पुत्र दुर्योधन को अंधे का पुत्र अंधा… जैसा संबोधन कहने के बाद उत्पन्न कटुता को दूर करने के लिए द्रौपदी के पास सॉरी कहने का कोई विकल्प था या नहीं  या...


  • राजनीति के ये ब्वायज क्लब

    राजनीति के ये ब्वायज क्लब

    कहीं जन्म – कहीं मृत्यु की तर्ज पर देश के दक्षिण में जब एक बूढ़े अभिनेता की राजनैतिक महात्वाकांक्षा हिलोरे मार रही थी, उसी दौरान देश की राजधानी के एक राजनैतिक दल में राज्यसभा की सदस्यता...

  • आर्ट आफ टार्चिंग

    आर्ट आफ टार्चिंग

    बाजारवाद के मौजूदा दौर में आए तो मानसिक अत्याचार अथवा उत्पीड़न यानी टार्चिंग या फिर थोड़े ठेठ अंदाज में कहें तो किसी का खून पीना… भी एक कला का रूप ले चुकी है। आम – अादमी...